Wednesday, May 15, 2019

क्या सनी देओल गुरदासपुर लोकसभा सीट बापिस बीजेपी को दिला सकेंगे।



गुरदासपुर लोकसभा सीट 1998 से बीजेपी का गढ़ रहा है यहां से विनोद खन्ना 4 बार सांसद रहे। 2017 में उनकी मृत्यु के बाद यहां हुए उपचुनाव में बीजेपी ने स्वर्ण सलारिया को टिकट दिया स्वर्ण सलारिया का मुकाबला कांग्रेस के सुनील झाखड़ से था।

कांग्रेस के सुनील झाखड़ इस लोक सभा सीट को भारी मतों से जीत गए। अब 2019 के इस चुनाव में बीजेपी ने सनी देओल को गुरदासपुर के रन में उतारा है । सनी देओल का गुरदासपुर में सीधा मुकाबला कांग्रेस के सुनील झाखड़ से है।

अगर लोकप्रियता की बात करें तो कांग्रेस के सुनील झखड़ सनी देओल के सामने कहीं नही ठहरते । सनी को गुरदासपुर से टिकट देकर बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेला है। अगर सनी देओल को गुरदासपुर से टिकट ना मिलती तो मुकाबला एक तरफ होता और सुनील झाखड़ आराम से जीत सकते थे। पर सनी देओल के यहाँ आने से मुकाबला एक तरफा हो गया है। इसमें कोई शक नही है।

सनी देओल का गुरदासपुर से भारी मतों से जितना लगभग तय है । क्योंकि पंजाब में उनकी लोकप्रियता किसी से छिपी नही है। भले ही बॉलीवुड में उनकी फिल्में इन दिनों कुछ कमाल ना कर पा रही हों पर गुरदासपुर के इस छेत्र में उनकी फ्लॉप फिल्मों को देखने के लिए भी लाइन लगती है।

देओल फैमिली में हेमा मालिनी बीजेपी  के ही टिकट से मथुरा में चुनाव लड़ रही हैं। हेमा मालिनी मथुरा से मौजूदा सांसद भी है। इनके इलावा धमेंद्र भी अटल सरकार में बीजेपी के टिकट से ही संसद रह चुके हैं। पर धर्मेन्द्र को राजनीति जमी नही और उन्होंने एक बार जितने के बाद दुबारा चुनाव नही लड़ा। अब 23 मई को पता चलेगा कि उनके सुपुत्र की राजनीति पारी कैसे रहती है ।

RAGHAV RAJPUT

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