Friday, May 17, 2019

एक ऐसा मंदिर जहाँ घर से भागे प्रेमी जोड़े और समाज से ठुकराए लोगों को दिया जाता है आश्रय

NFENews : भारत बहुत ही विशाल देश है यहाँ लाखों के हिसाब से मंदिर देखने को मिलते है और हर एक मंदिर की अलग मान्यता है, अलग परंपरा है. हर मंदिर की अलग ही कहानी है ।
आज हम बात कर रहे है. एक ऐसे मंदिर की जिसमे घर से भागे प्रेमी जोड़ों को आश्रय दिया जाता है, हिमाचल परदेश को देव भूमि भी कहा जाता है । हिमाचल परदेश जितना अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, उतना ही अपनी परम्पराओं के लिए है | आज हम बात कर रहे हैं कुलु के एक गाँव शांघड़ की जहाँ पर शंगचूल महादेव नाम का मंदिर जो इसलिए परसिध है की वहां पर घर से भागे हुए प्रेमी जोड़ों को आश्रय दिया जाता है इतना ही नहीं जहाँ पर समाज से ठुकराए हुए लोगो को भी आश्रय दिया जाता है | इस मंदिर की सीमा में आने पर कोई भी प्रेमी युगल को कुछ नहीं कह सकता यहाँ तक की उनके परिजन भी तब तक उनको कुछ नहीं कह सकते जब तक वो मंदिर की सीमा में है |
मंदिर 100 भीगा जमीन में बना हुआ है उसे ही मंदिर की सीमा मन जाता है | जय ही कोई इस सीमा में पहुँचता है उसे देवता की शरण में आया हुआ मान लिया जाता है |
इस गाँव में पुलिस के आने पर भी प्रतिबंद है और इसके साथ शराब सिगरेट चमड़े आदि का पर्योग भी गाँव में वर्जित मन जाता है | यहाँ पर किसी किसम का हथियार लाना भी वर्जित है, यहाँ तक की इस गाँव में लड़ाई जगडा यां ऊँची आवाज में भी बात नहीं कर सकते यहाँ पर भागकर आये प्रेमी युगल की समस्या का जब तक निपटारा नहीं होता तब तक मंदिर के पंडित ही उनकी देखबाल की जिम्मेदारी उठाते है | ऐसा माना जाता है की महाभारत के काल में जब पांडवों को अग्यात्वास काटना था तो उन्होंने इस मंदिर में ही शरण ली थी जब कौरव उनका पीछा करते हुए यहाँ पर पहुंचे तब शंगचूल महादेव ने उन्हें रोका और कहा की ये मेरा शेत्र है और जो कोई मेरी शरण में आएगा मई उसकी रक्षा करूँगा ये बात सुन कौरव डर कर यहाँ से चले गए तब से लेकर आज तक अगर कोई समाज से ठुकराया हुआ शख्स यहाँ पर पहुँचता है तो यहाँ के रहने वाले लोग उनका आदर करते है और उन्हें देवता की शरण में आया हुआ मानकर उनकी रक्षा करते है |
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